Interrelationship between Bureaucracy and Good Governance नौकरशाही एवं सुशासन के मध्य अंतर्संबंध।
Updated: Jul 5
Original Research | 2026 | January | Volume 1 | Issue 1 | Page 22-29
नरेंद्र कुमार, PhD शोधार्थी, लोक प्रशासन, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा।
प्रो. डॉ. उमेश कुमार, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा।
संवाद लेखक:-
नरेंद्र कुमार, PhD शोधार्थी,
लोक प्रशासन, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा।
ईमेल - narendraacp86@gmail.com
सार (Abstract)
“नौकरशाही-सुधार: “सुशासन का आधार” लेख भारत में प्रशासनिक अभ्यास और दिनचर्या के संदर्भ में विश्लेषण करता है। अध्ययन का मूल तर्क यह है कि सुशासन एक वास्तविक प्रशासनिक स्थिति है जिसमें निर्णय-प्रक्रिया पारदर्शी हो, सेवा-प्रदाय समयबद्ध हो, कर्मचारी उत्तरदायी हो और नागरिकों की भागीदारी होती है। भारत में नौकरशाही ने राज्य- निर्माण, नीति-क्रियान्वयन और जनकल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन लालफीताशाही, भ्रष्टाचार, स्थानांतरण- राजनीति, अधिकारवादी प्रवृत्ति, डिजिटल विभाजन और राजनीतिक हस्तक्षेप ने इसकी विश्वसनीयता को खराब कर दिया है। यह अध्ययन द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग, सुशासन सूचकांक, डिजिटल इंडिया, मिशन कर्मयोगी, लोक शिकायत निवारण तंत्र और विश्व बैंक के शासन संकेतक का विश्लेषण करता है। नतीजतन, यह सिद्ध किया गया है कि नौकरशाही में सुधार केवल नियमों को बदलने से नहीं हो सकता; इसके बजाय, नैतिकता, क्षमता-विकास, नागरिक-केंद्रितता, डेटा- आधारित निर्णय और संस्थागत जवाबदेही के एक संयुक्त ढांचे की आवश्यकता है।
Keywords: नौकरशाही-सुधार, सुशासन, ई-गवर्नेंस, पारदर्शिता, जवाबदेही, बिहार प्रशासन
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